Jalore Dalit student death Case: मटके से पानी पीने पर हुई जालोर की घटना, एससी आयोग अध्यक्ष ने माना

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जालोर में स्कूली छात्र की मौत मामले में प्रदेश सरकार की ओर से अब तक की गई कार्रवाई पर राष्ट्रीय एससी आयोग अध्यक्ष विजय सांपला ने संतोष व्यक्त किया है। हालांकि, आयोग अपनी प्रारंभिक जांच में बच्चे की पिटाई मटके से पानी पीने के कारण ही होना माना है।

वहीं, आयोग आगामी 24-25 अगस्त को राजस्थान में दलित अत्याचार की घटनाओं और विभागों के कामकाज का रिव्यू करेगा। जयपुर आए आयोग अध्यक्ष विजय सांपला ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने मामला दर्जकर अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई के साथ गिरफ्तारी भी की है, जो कि संतोषप्रद है। लेकिन आयोग आगे भी इस पूरे मामले में अपनी निगरानी रखेगा।

आयोग अध्यक्ष ने कहा, बच्चे की मौत को लेकर शुरुआत में अलग बात सामने आईं और बाद में उसमें कुछ बदलाव भी सुनने में आया, लेकिन घटना मटके का पानी पीने के कारण ही हुई है और यह बात प्रारंभिक जांच में सामने आई है। राजस्थान में दलित अत्याचारों की कई घटनाएं आयोग के सामने आती रहती हैं, जिस पर राजस्थान सरकार और पुलिस महकमे को नोटिस भी जारी किए जाते हैं, लेकिन इसका जवाब नहीं मिलता।

आयोग अध्यक्ष ने बताया, वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति वेलफेयर सोसाइटी के कार्यक्रम में भी शरीक हुए हैं। वहां कई लोगों ने स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे-मील में भी भेदभाव की शिकायत उनसे की है। उन्होंने कहा, यह बात सामने आई है कि स्कूल में मिड-डे-मील के लिए सामान्य जाति के छात्र-छात्राओं को अलग और दलित छात्र छात्राओं को अलग बैठाया जाता है। वहीं, मिड डे मील बनवाने का काम भी दलित लोगों से नहीं करवाया जाता।

हालांकि, उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शिकायतों की भी जांच करवाएंगे कि इसमें कितनी सच्चाई है। 24 अगस्त को होने वाली रिव्यू बैठक में राजस्थान के अनुसूचित जाति जनजाति समाज से जुड़े विधायक और सांसद शामिल होंगे और उसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली जाएगी। 25 अगस्त को विभिन्न विभागों में चल रही योजनाओं को लेकर भी आयोग रिव्यू करेगा।

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जालोर में स्कूली छात्र की मौत मामले में प्रदेश सरकार की ओर से अब तक की गई कार्रवाई पर राष्ट्रीय एससी आयोग अध्यक्ष विजय सांपला ने संतोष व्यक्त किया है। हालांकि, आयोग अपनी प्रारंभिक जांच में बच्चे की पिटाई मटके से पानी पीने के कारण ही होना माना है।

वहीं, आयोग आगामी 24-25 अगस्त को राजस्थान में दलित अत्याचार की घटनाओं और विभागों के कामकाज का रिव्यू करेगा। जयपुर आए आयोग अध्यक्ष विजय सांपला ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने मामला दर्जकर अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई के साथ गिरफ्तारी भी की है, जो कि संतोषप्रद है। लेकिन आयोग आगे भी इस पूरे मामले में अपनी निगरानी रखेगा।

आयोग अध्यक्ष ने कहा, बच्चे की मौत को लेकर शुरुआत में अलग बात सामने आईं और बाद में उसमें कुछ बदलाव भी सुनने में आया, लेकिन घटना मटके का पानी पीने के कारण ही हुई है और यह बात प्रारंभिक जांच में सामने आई है। राजस्थान में दलित अत्याचारों की कई घटनाएं आयोग के सामने आती रहती हैं, जिस पर राजस्थान सरकार और पुलिस महकमे को नोटिस भी जारी किए जाते हैं, लेकिन इसका जवाब नहीं मिलता।

आयोग अध्यक्ष ने बताया, वह राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति वेलफेयर सोसाइटी के कार्यक्रम में भी शरीक हुए हैं। वहां कई लोगों ने स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे-मील में भी भेदभाव की शिकायत उनसे की है। उन्होंने कहा, यह बात सामने आई है कि स्कूल में मिड-डे-मील के लिए सामान्य जाति के छात्र-छात्राओं को अलग और दलित छात्र छात्राओं को अलग बैठाया जाता है। वहीं, मिड डे मील बनवाने का काम भी दलित लोगों से नहीं करवाया जाता।

हालांकि, उन्होंने कहा कि इस प्रकार की शिकायतों की भी जांच करवाएंगे कि इसमें कितनी सच्चाई है। 24 अगस्त को होने वाली रिव्यू बैठक में राजस्थान के अनुसूचित जाति जनजाति समाज से जुड़े विधायक और सांसद शामिल होंगे और उसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली जाएगी। 25 अगस्त को विभिन्न विभागों में चल रही योजनाओं को लेकर भी आयोग रिव्यू करेगा।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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