गजब का सरकारी स्कूल: क्लास में बच्ची को बंद कर चले गए शिक्षक, चार घंटे रोती रही, परिजनों ने ताला तोड़कर निकाला

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राजस्थान के सीकर जिले के एक सरकारी स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पांच साल की बच्ची को क्लास में बंद कर सभी शिक्षक घर चले गए। स्कूल की छ्ट्टी का समय होने के काफी देर बाद बच्ची स्कूल से घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिली। आखिर में परिजन स्कूल पहुंचे तो कमरे में बंद बच्ची जोर-जोर से रो रही थी। इसके बाद परिजनों ने कमरे का ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला और फिर घर ले गए। करीब चार घंटे तक बच्ची अकेले कमरे में बंद रही, जिससे वह काफी डर गई थी। 

जानकारी के अनुसार गंभीर लापरवाही का यह मामला शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक बालेश्वर ब्लॉक पाटन का है। बीते दिन बुधवार को हुई इस घटना की जानकारी गुरुवार को सामने आई है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली पहली कक्षा की 5 साल की छात्रा मानवी रोज की तरह बुधवार को स्कूल गई थी। तय समय पर स्कूल की छुट्टी होने के बाद सभी शिक्षक और स्कूल का स्टाप घर चला गया। स्कूल के सभी कमरों में ताले भी लगा दिए गए, लेकिन मानवी अपनी क्लास में बंद हो गई। 

इधर, तय समय पर  बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। करीब चार घंटे बाद परिजन बच्चे को तलाशते हुए स्कूल पहुंचे। इस दौरान एक कमरे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी तो परिजन वहां पहुंचे। इस दौरान कमरे में बंद मानवी बुरी तरह रो रही थी। परिजनों ने स्कूल टीचर को कॉल कर घटना की जानकारी दी तो उसने कहा कि ताला तोड़कर बच्ची को ले जाओ। इसके बाद परिजनों ने कमरे का ताला तोड़ा और बच्ची को बाहर निकालकर अपने साथ घर ले गए।   

इस मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कल मैं छुट्टी पर था। बच्ची के परिजनों को बुलाकर समझा दिया है। आगे से इस तरह की गलती न हो इस बात का ध्यान रखा जाएगा।  

विस्तार

राजस्थान के सीकर जिले के एक सरकारी स्कूल से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पांच साल की बच्ची को क्लास में बंद कर सभी शिक्षक घर चले गए। स्कूल की छ्ट्टी का समय होने के काफी देर बाद बच्ची स्कूल से घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिली। आखिर में परिजन स्कूल पहुंचे तो कमरे में बंद बच्ची जोर-जोर से रो रही थी। इसके बाद परिजनों ने कमरे का ताला तोड़कर उसे बाहर निकाला और फिर घर ले गए। करीब चार घंटे तक बच्ची अकेले कमरे में बंद रही, जिससे वह काफी डर गई थी। 

जानकारी के अनुसार गंभीर लापरवाही का यह मामला शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक बालेश्वर ब्लॉक पाटन का है। बीते दिन बुधवार को हुई इस घटना की जानकारी गुरुवार को सामने आई है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली पहली कक्षा की 5 साल की छात्रा मानवी रोज की तरह बुधवार को स्कूल गई थी। तय समय पर स्कूल की छुट्टी होने के बाद सभी शिक्षक और स्कूल का स्टाप घर चला गया। स्कूल के सभी कमरों में ताले भी लगा दिए गए, लेकिन मानवी अपनी क्लास में बंद हो गई। 

इधर, तय समय पर  बच्ची घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। करीब चार घंटे बाद परिजन बच्चे को तलाशते हुए स्कूल पहुंचे। इस दौरान एक कमरे से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी तो परिजन वहां पहुंचे। इस दौरान कमरे में बंद मानवी बुरी तरह रो रही थी। परिजनों ने स्कूल टीचर को कॉल कर घटना की जानकारी दी तो उसने कहा कि ताला तोड़कर बच्ची को ले जाओ। इसके बाद परिजनों ने कमरे का ताला तोड़ा और बच्ची को बाहर निकालकर अपने साथ घर ले गए।   

इस मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कल मैं छुट्टी पर था। बच्ची के परिजनों को बुलाकर समझा दिया है। आगे से इस तरह की गलती न हो इस बात का ध्यान रखा जाएगा।  

This News is Updated by Khabre Fatafat
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