रक्षाबंधन पर्व पर हर बहन अपने भाई की कलाई पर रखी बांधती है, लेकिन कुछ बहनें ऐसी भी है जिनके भाइयों ने अपनी जान देश पर कुर्बान कर दी। अब उनके भाई तो इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन बहने आज भी उनकी कलाई पर रखासूत्र बांध रहीं है। हर साल रखी बांधते समय बहनों की आंखें नम हो जाती हैं, लेकिन उन्हें शहादत पर गर्व है।
राजस्थान के सीकर जिले के गणेश्वर इलाके के सालावाली गांव के गोकुल चंद यादव 13 अप्रैल 2016 में आतंकियों से लोहा लेते शहीद हो गए थे। पंचायत भवन के पास शहीद की प्रतिमा बनी हुई है। गुरुवार को शहीद गोकुल की बहन सुनीता और कविता ने उनकी प्रतिमा को राखी बांधी। दोनों बहनें हर साल नाहरेड़ा से गणेश्वर उन्हें राखी बांधने के लिए आती हैं। बहनें अपने भाई की प्रतिका के साथ रक्षाबंधन और भाई दूज का त्योहार मनाती हैं।
राजस्थान के पाली जिले के भंवरिया गांव में भी शहीद हनुमानसिंह की प्रतिमा को उनकी बहन कमला देवी ने राखी बांधी। इस दौरान कमला शहीद की प्रतिमा से लिपटकर रोने भी लगी। हनुमान सिंह 32वीं राष्ट्रीय राजपुताना बटालियन में तैनात थे। 13 फरवरी 1999 को मणिपुर में उग्रवादियों से मुठभेड़ के दौरान वह शहीद हो गए थे। जिसके बाद गांव में उनकी प्रतिमा बनवाई गई।
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