Lumpy Disease: गहलोत सरकार का फैसला, 500 पशु चिकित्सा अधिकारी और पशुधन सहायकों की होगी अस्थाई भर्ती

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राजस्थान में पशुओं पर लंपी का प्रकोप छाया हुआ है। ऐसे में इससे निपटने के लिए गहलोत सरकार 500 पशु चिकित्सा अधिकारियों और पशु धन सहायकों की अस्थाई भर्ती करेगी। पशुओं में फैली लंपी बीमारी के उपचार और रोकथाम के लिए अस्थाई आधार पर 200 पशु चिकित्सा अधिकारियों और 300 पशुधन सहायकों की भर्ती होगी। हालांकि, लंपी बीमारी खत्म होने के साथ कोविड सहायकों की तरह ही इनकी भी सेवा खत्म कर दी जाएगी।

इसकी जानकारी  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी। सीएम ने कहा कि राज्य में गोवंश में फैली लंपी बीमारी के उपचार और रोकथाम के लिए हर स्तर पर पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। लंपी स्किन रोग से प्रभावित जिलों में अस्थाई आधार पर 500 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया जल्द ही पूर्ण किए जाने के निर्देश भी दिए। 

मुख्यमंत्री गहलोत ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों के पशुओं में लंपी स्किन रोग का संक्रमण तेजी से फैला है लेकिन जल्द से इस पर नियंत्रण पा लिया जाएगा। सरकार की ओर से दवाइयों, चिकित्सकों, एंबुलेंस सहित अन्य आवश्यकताओं के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। राज्य सरकार हर समय पशुपालकों के साथ खड़ी है।

सीएम गहलोत ने बताया कि आपातकालीन आवश्यक औषधियां खरीदने के लिए संभाग स्तरीय अजमेर, बीकानेर और जोधपुर कार्यालयों को 8 से 12 लाख रुपए और बाकी प्रभावित जिलों को 2 से 8 लाख रुपए सहित कुल 140 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि आवंटित की गई है। यह राशि पूर्व में इमरजेंसी बजट में समस्त जिला स्तरीय कार्यालयों और बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालयों को आवंटित राशि के अतिरिक्त जारी की गई है। प्रदेश में पशु हाट और पशु मेलों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

इसके अलावा गैर प्रभावित जिलों से रोग प्रभावित क्षेत्रों में 33 पशु चिकित्सक और 116 पशुधन सहायक लगाए गए हैं। आवश्यकता होने पर अन्य जिलों से और स्टाफ भेजा जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस महामारी के दौरान पूरी सेवा भावना से कार्य कर गौवंश को बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता रखें। जिससे हम इस बीमारी की रोकथाम में सफल हो सके।

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राजस्थान में पशुओं पर लंपी का प्रकोप छाया हुआ है। ऐसे में इससे निपटने के लिए गहलोत सरकार 500 पशु चिकित्सा अधिकारियों और पशु धन सहायकों की अस्थाई भर्ती करेगी। पशुओं में फैली लंपी बीमारी के उपचार और रोकथाम के लिए अस्थाई आधार पर 200 पशु चिकित्सा अधिकारियों और 300 पशुधन सहायकों की भर्ती होगी। हालांकि, लंपी बीमारी खत्म होने के साथ कोविड सहायकों की तरह ही इनकी भी सेवा खत्म कर दी जाएगी।


इसकी जानकारी  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दी। सीएम ने कहा कि राज्य में गोवंश में फैली लंपी बीमारी के उपचार और रोकथाम के लिए हर स्तर पर पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं। लंपी स्किन रोग से प्रभावित जिलों में अस्थाई आधार पर 500 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी गई है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया जल्द ही पूर्ण किए जाने के निर्देश भी दिए। 


मुख्यमंत्री गहलोत ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों के पशुओं में लंपी स्किन रोग का संक्रमण तेजी से फैला है लेकिन जल्द से इस पर नियंत्रण पा लिया जाएगा। सरकार की ओर से दवाइयों, चिकित्सकों, एंबुलेंस सहित अन्य आवश्यकताओं के लिए धन की कमी नहीं आने दी जाएगी। राज्य सरकार हर समय पशुपालकों के साथ खड़ी है।


सीएम गहलोत ने बताया कि आपातकालीन आवश्यक औषधियां खरीदने के लिए संभाग स्तरीय अजमेर, बीकानेर और जोधपुर कार्यालयों को 8 से 12 लाख रुपए और बाकी प्रभावित जिलों को 2 से 8 लाख रुपए सहित कुल 140 लाख रुपए की अतिरिक्त राशि आवंटित की गई है। यह राशि पूर्व में इमरजेंसी बजट में समस्त जिला स्तरीय कार्यालयों और बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालयों को आवंटित राशि के अतिरिक्त जारी की गई है। प्रदेश में पशु हाट और पशु मेलों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।


इसके अलावा गैर प्रभावित जिलों से रोग प्रभावित क्षेत्रों में 33 पशु चिकित्सक और 116 पशुधन सहायक लगाए गए हैं। आवश्यकता होने पर अन्य जिलों से और स्टाफ भेजा जाएगा। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि इस महामारी के दौरान पूरी सेवा भावना से कार्य कर गौवंश को बचाना सर्वोच्च प्राथमिकता रखें। जिससे हम इस बीमारी की रोकथाम में सफल हो सके।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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