पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने भारत द्वारा देश की पहले से ही बाढ़ वाली नदियों में पानी छोड़े जाने पर चिंता व्यक्त की है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून विदेश कार्यालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार के हवाले से कहा गया है कि इन परिस्थितियों में अभ्यास एक “आवर्ती” समस्या रही है। जांच करनी होगी, क्योंकि आप जो बात कर रहे हैं वह बहुत हालिया है, इसलिए हमारे सिंधु जल आयोग द्वारा जांच करने की जरूरत है कि क्या पानी छोड़ने का फैसला या बाढ़ के आंकड़े भारतीय पक्ष द्वारा समय पर साझा किए गए थे या नहीं।

बता दें कि मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण पाकिस्तान के कई हिस्सों में 350 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इसके साथ ही लोगों की संपत्ति और पशुधन को भी काफी नुकसान पहुंचा है।
प्राकृतिक आपदा के बीच यह बताया गया है कि भारत ने पाकिस्तान की पहले से ही बाढ़ वाली नदियों में नीचे की ओर 300,000 क्यूसेक पानी छोड़ा है।
प्रवक्ता ने कहा कि बाढ़ के संबंध में यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है और इसलिए इस मामले में खुद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हर संभव सहायता प्रदान करने और स्थिति से निपटने के लिए हर संभव कार्रवाई करने के निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है।
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