Rajasthan: मंत्री जोशी के बेटे रोहित की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, याचिका में दुष्कर्म पीड़िता ने कहीं यह बातें

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राजस्थान सरकार में मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दुष्कर्म मामले केा लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोहित जोशी को एक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कल शनिवार को कोर्ट में सुनवाई होगी।  दरअसल, दुष्कर्म पीड़िता ने दिल्ली हाईकोर्ट में रोहित को मिली अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग को लेकर एक याचिका दायर की है।

मामले में राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) अमित साहनी कोर्ट में पेश हुए। अधिवक्ता मनीष पांडा ने पीड़िता की ओर से याचिका दायर की। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रोहित जोशी और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब अगली सुनवाई कल यानि 23 अगस्त को होगी। 

पीड़िता ने अपनी याचिका में कहा, तीस हजारी कोर्ट ने रोहित पर लगे गंभीर आरोपों की विवेचना सही ढंग से नहीं और उसे जमानत दे दी। इस दौरान कोर्ट ने उसके चरित्र, व्यवहार और उसके गंभीर अपराध पर ध्यान नहीं दिया। वह एक मंत्री का बेटा है और उनकी पहुंच भी ऊपर तक है।  

महिला ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि रोहित जोशी और उसके पिता की पहुंच ऊपर तक है। वह केस से जुड़े गवाहों को भी प्रभावित कर सकता है। जिसका असर उसके केस पर पड़ेगा। महिला ने उसके भागने की भी आशंका जताई है। ऐसे में हाईकोर्ट रोहित को तीस हजारी कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को रद्द करे।

विस्तार

राजस्थान सरकार में मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दुष्कर्म मामले केा लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोहित जोशी को एक नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। कल शनिवार को कोर्ट में सुनवाई होगी।  दरअसल, दुष्कर्म पीड़िता ने दिल्ली हाईकोर्ट में रोहित को मिली अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग को लेकर एक याचिका दायर की है।

मामले में राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक (एपीपी) अमित साहनी कोर्ट में पेश हुए। अधिवक्ता मनीष पांडा ने पीड़िता की ओर से याचिका दायर की। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने रोहित जोशी और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब अगली सुनवाई कल यानि 23 अगस्त को होगी। 

पीड़िता ने अपनी याचिका में कहा, तीस हजारी कोर्ट ने रोहित पर लगे गंभीर आरोपों की विवेचना सही ढंग से नहीं और उसे जमानत दे दी। इस दौरान कोर्ट ने उसके चरित्र, व्यवहार और उसके गंभीर अपराध पर ध्यान नहीं दिया। वह एक मंत्री का बेटा है और उनकी पहुंच भी ऊपर तक है।  

महिला ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि रोहित जोशी और उसके पिता की पहुंच ऊपर तक है। वह केस से जुड़े गवाहों को भी प्रभावित कर सकता है। जिसका असर उसके केस पर पड़ेगा। महिला ने उसके भागने की भी आशंका जताई है। ऐसे में हाईकोर्ट रोहित को तीस हजारी कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को रद्द करे।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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