Rajasthan: सुसाइड करने वाले जवान नरेश का शव नहीं उठा रहे परिजन, प्रशासन के सामने रखीं छह मांगें 

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जोधपुर सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर में अपने क्वार्टर में खुद को गोली मारकर सुसाइड करने वाले जवान नरेश जाट का शव उठाने से परिजनों ने मना कर दिया है। उन्होंने करवट थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। साथ ही मांग करते हुए कहा है कि सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम हैं उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। जवान के परिजनों ने प्रशासन ने के सामने छह मांगे रखी हैं। 

उधर,  सीआरपीएफ आईजी विक्रम सहगल ने सोमवर रात 2:00 बजे बात करने की स्वीकृति दी, लेकिन परिजनों से रात को बात करने से इंकार कर दिया। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल भी जोधपुर मोर्चरी पहुंचे। उन्हेंने जवान नरेश के पिता लिखमाराम से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है।  

मृतक जवान नरेश के पिता ने लिखमाराम ने पुलिस प्रशासन के एक मांग पत्र सौंपा है। पत्र में मांग करते हुए उन्होंने कहा, सुसाइड नोट में नामजद आरोंपियों को गिरफ्तारी किया जाए। मामले की जांच हाईकोर्ट के पूर्व जज से करवाई जाए। नरेश की बेटी कनिष्का के बालिक होने पर सरकारी नौकरी और पत्नी उर्मिला को आजीवन पेंशन, ग्रेच्युटी छुट्टी का पैसा आदि एक मुस्त दिया जाए। बेटी की पढ़ाई का खर्चा सीआरपीएफ उठाएं। नरेश का अंतिम संस्कार उसके पुश्तैनी गांव राजोला पाली में सीआरपीएफ के नियम अनुसार गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया जाए। परिजनों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह नरेश का शव नहीं उठाएंगे।  

विस्तार

जोधपुर सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर में अपने क्वार्टर में खुद को गोली मारकर सुसाइड करने वाले जवान नरेश जाट का शव उठाने से परिजनों ने मना कर दिया है। उन्होंने करवट थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है। साथ ही मांग करते हुए कहा है कि सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम हैं उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। जवान के परिजनों ने प्रशासन ने के सामने छह मांगे रखी हैं। 

उधर,  सीआरपीएफ आईजी विक्रम सहगल ने सोमवर रात 2:00 बजे बात करने की स्वीकृति दी, लेकिन परिजनों से रात को बात करने से इंकार कर दिया। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल भी जोधपुर मोर्चरी पहुंचे। उन्हेंने जवान नरेश के पिता लिखमाराम से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है।  

मृतक जवान नरेश के पिता ने लिखमाराम ने पुलिस प्रशासन के एक मांग पत्र सौंपा है। पत्र में मांग करते हुए उन्होंने कहा, सुसाइड नोट में नामजद आरोंपियों को गिरफ्तारी किया जाए। मामले की जांच हाईकोर्ट के पूर्व जज से करवाई जाए। नरेश की बेटी कनिष्का के बालिक होने पर सरकारी नौकरी और पत्नी उर्मिला को आजीवन पेंशन, ग्रेच्युटी छुट्टी का पैसा आदि एक मुस्त दिया जाए। बेटी की पढ़ाई का खर्चा सीआरपीएफ उठाएं। नरेश का अंतिम संस्कार उसके पुश्तैनी गांव राजोला पाली में सीआरपीएफ के नियम अनुसार गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया जाए। परिजनों का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह नरेश का शव नहीं उठाएंगे।  

This News is Updated by Khabre Fatafat
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