ख़बर सुनें
विस्तार
बकरीद से एक दिन पहले शनिवार को अलवर जिले के किशनगढ़बास खैरथल के करीब श्यामाका गांव में विवाद हो गया। दो लोग वीडियो देख रहे थे, तब दूसरे पक्ष के लोगों का उनसे विवाद हुआ। इसे लेकर रविवार को बकरीद पर गांव में तनाव रहा। इसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया था।
घटना शनिवार की है। किशनगढ़बास के डीएसपी अतुल अग्रे ने बताया कि खैरथल थाने में दलित महिला निशा पत्नी गुलशन जाटव ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसका कहना था कि शनिवार शाम छह बजे उसका देवर मनोज पुत्र रमेश गांव के दो युवकों के साथ मोबाइल पर उदयपुर की घटना का वीडियो देख रहे थे। तभी गांव में रहने वले जुहरू खां के लड़के शब्बीर व आजाद खान ने मनोज और उसके पिता के साथ मारपीट की।
शिकायत के अनुसार इस घटना के थोड़ी देर बाद शब्बीर खान अपने लड़के नूरदिन, हामिद व राहुल पुत्र समसू के लड़के को लेकर आया। उसने ससुर व देवर के साथ फिर मारपीट की। महिला बीचबचाव करने गई तो उसके सिर से दुपट्टा खींचकर उसके साथ भी अभद्र व्यवहार किया। गंदी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस को सूचना देने पर आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने रविवार को इस मामले में शब्बीर खां को गिरफ्तार कर लिया।
बकरीद पर पुलिस बंदोबस्त
रविवार को बकरीद होने की वजह से गांव में थोड़ा तनाव था। हालात काबू करने के लिए पुलिस ने शनिवार रात को ही विशेष इंतजाम किए थे। पुलिस बंदोबस्त किया गया था। देर रात को वरिष्ठ अधिकारी भी तैनात किए गए। पुलिस की मौजूदगी में ही ईद की नमाज पढ़ी गई। दूसरी और पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई स्थानों पर दबीश भी दी। पूर्व विधायक रामहेत यादव ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस घटना को सामान्य बताकर पीड़ित पक्ष पर राजीनामा के दबाव बना रही है।
नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।

















