मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बैठक में साइबर क्राइम, पुलिस मॉडर्नाइजेशन, सीमा पार आंतकवाद और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। बता दें कि नॉर्थ जोनल काउंसिल की बैठक शामिल होने के लिए गृहमंत्री अमित शाह सुबह जयपुर पहुंचे थे। जहां से वे सीधे होटल रामबाग पैलेस पहुंचे और बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में चार राज्यों के मुख्यमंत्री, तीन केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।
सीएम गहलोत ने बैठक में यह मांग भी रखीं
- राजस्थान की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए जल जीवन मिशन की सीमा को 31 मार्च 2024 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2026 की जाए।
- एसटी कंपंसेशन की अवधि जून 2022 से बढ़ाकर जून 2027 तक की जाए।
- राजस्थान को देय जीएसटी मुआवजे के करीब 5 हजार करोड़ रुपए की बकाया राशि एक साथ किया जाए।
- पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया जाए।
बैठक में ये रहे मौजूद
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, हिमाचल प्रदेश के सीएम जय राम ठाकुर, लद्दाख के उपराज्यपाल राधा कृष्ण माथुर, दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित के साथ-साथ इन राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, जयपुर के सांसद रामचरण बोहरा और पार्टी के अन्य नेताओं ने एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत किया।
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