Rajasthan: प्रदेश में नाइट स्काई एस्ट्रो टूरिज्म शुरू, यहां देख सकते हैं तारों भरा आसमान  

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 27 May 2022 07:01 PM IST

सार

राजस्थान की पहचान गर्म और सूखे स्थान के रूप में होती है। इसके बाद भी भारत का सबसे बड़ा राज्य वन्य जीवन के लिए भी काफी समृद्ध है। यहां विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां, पशु और पक्षी की प्रजातियां पाई जाती हैं।

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : सोशल मीडिया

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विस्तार

राजस्थान की पहचान गर्म और सूखे स्थान के रूप में होती है। इसके बाद भी भारत का सबसे बड़ा राज्य वन्य जीवन के लिए भी काफी समृद्ध है। यहां विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां, पशु और पक्षी की प्रजातियां पाई जाती हैं। बाघ और पक्षी देखने के लिए भारत के शीर्ष प्रदेशों में राजस्थान प्रमुख है।

राजस्थान की संस्कृति और यहां के वन्य जीवों देखने के लिए न सिर्फ देश बल्कि विदेशों से भी हर साल हजारों लोग आते हैं। भारतीय कू ऐप पर भी रंगीले राजस्थान के वन्य जीवों की चर्चा की जा रही है। इसे देखने के बाद आपका मन भी राजस्थान की इस खूबसूरती को देखने के लिए उत्साहित हो उठेगा। 

राजस्थान टूरिज्म ने कू ऐप के आधिकारिक हैंडल से कहा, राजस्थान के गजनेर वन्यजीव अभयारण्य में प्रकृति की सुंदरता और चमकदार पर्पल सनबर्ड को देखें। जिसके पंख सूरज की रोशनी में एक धात्विक बैंगनी छाया प्राप्त करते हैं। सनबर्ड एक आम शहर का पक्षी है, जिसे आपके बगीचे में चहकते हुए या आपके पड़ोस में उड़ते हुए देखा जा सकता है।

 
जैसलमेर के खुरी के नाइट स्काई एस्ट्रो टूरिज्म के बारे में राजस्थान टूरिज्म ने लिखा, तारों से भरा आसमान..!! यह सिर्फ एक नजारा नहीं, बल्कि एक सपना है जो सच है..!! जैसा कि राजस्थान ‘नाइट स्काई एस्ट्रो टूरिज्म’ शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है। अगर आप तारों से भरे आसमान के नीचे एक स्वप्निल रात बिताना चाहते हैं, तो जल्द ही राजस्थान की अपनी यात्रा की योजना बनाएं।

आईसीटीआरसी ने राजस्थान के वन्य जीवन के बारे में कू करते हुए कहा, बाघ की दहाड़ सुनें, प्रकृति की सुंदरता देखें और राजस्थान में रणथंभौर जंगल की पगडंडियों के साथ साहसिक कार्य करते हुए उससे जुड़ें। इस यात्रा के बारे में अधिक जानने के लिए आज ही www.the-maharajas.com पर जाएं।  

 
राजस्थान टूरिज्म कू करते हुए कहा,  बाघ की दहाड़ हिरण की ललकार और चिड़ियों की पुकार। रणथंभौर टाइगर रिजर्व वह जगह है जहां जादू होता है। यह देखने के लिए शानदार राजसी और विस्मयकारी जगह है।  

 
राजस्थान में अर्ध हरित वन, पहाड़ी इलाके, सूखी घास के मैदान, सूखे पर्णपाती कांटेदार जंगल और यहां तक कि जैव विविधता वाले वन्यजीवों के पनपने के लिए आर्द्रभूमि भी है। राजस्थान में पौधों और पेड़ों की लगभग 480 प्रजातियां हैं। यह कई राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों और पक्षी अभयारण्यों का भी घर है । 

बाघ देखने के लिए प्रदेश में रणथंभौर और सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान है। पक्षियों को देखने के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के साथ-साथ ताल छपर, वन विहार और जोरबीड राज्य में सबसे अच्छे गंतव्य हैं। डेजर्ट नेशनल पार्क, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की लुप्तप्राय प्रजातियों का घर है। इसके अलावा प्रदेश में बड़ी संख्या में तेंदुओं, काला हिरण, भारतीय चित्तीदार चील और दलदली मगरमच्छों का भी ठिकाना है।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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