राजस्थान का किरोड़ी ड्रामा: पुलिस दिनभर मनाती रही, नहीं माने भाजपा सांसद, उदयपुर जाने के लिए अड़े

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सार

राजस्थान के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा उदयपुर जाना चाहते थे, पर पुलिस ने उन्हें दिनभर किसी न किसी बहाने रोके रखा। कल अजमेर जाने से रोका तो आज दिनभर घेरे रखा।

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राजस्थान के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा को लेकर दिनभर ड्रामा चला। वह उदयपुर जाना चाहते थे, जहां कांग्रेस का नव संकल्प चिंतन शिविर शुरू हुआ है, पर पुलिस ने उन्हें जयपुर से बाहर नहीं जाने दिया। गुरुवार रात को अजमेर जाने से रोका तो शुक्रवार को दिनभर उदयपुर जाने से रोके रखा। शाम को पुलिस उन्हें एस्कॉर्ट कर अजमेर रोड पर लेकर गई।  

हाई-वोल्टेड सियासी ड्रामे की शुरुआत किरोड़ीलाल मीणा की प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस होटल में चिंतन शिविर हो रहा है, वह अवैध है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उस होटल में चिंतन शिविर का आयोजन नहीं करना चाहिए था, जिसकी जमीन को आदिवासियों से हथियाया गया था। सोनिया गांधी को भी ऐसी जमीन पर बने होटल में चिंतन शिविर में भाग नहीं लेना चाहिए था। मीणा ने दावा किया कि मेरे पास उस होटल को लेकर कुछ अहम सबूत है, जिसकी वजह से मुझे उदयपुर से अनैतिक तरीके से पुलिस ने निकाला है। मैं 16 मई की सभा में भी जाऊंगा, जो आदिवासियों की सभा है। मैं भी एक आदिवासी हूं। इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की।

मीणा ने आरोप लगाया कि होटल ताज अरावली को राजीव आनंद ने बनाया है। इसके निर्माण में सरकार ने सभी नियम ताक पर रख दिए। 2012 में अनुमति मिली, लेकिन रास्ता नहीं था तब संभाग आयुक्त ने नदी में से रास्ता दिया। नदी में कचरा डालकर अवरुद्ध किया गया। 50 फीट का रास्ता बनाया गया। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि नियम यह है कि नदी के लैंड यूज को किसी भी तरह से बदला नहीं जा सकता है। तब होटल को रास्ता कैसे मिला?

उदयपुर को निकले तो पुलिस कमिश्नरेट ले गई
डॉ किरोड़ी लाल मीना एक बार फिर उदयपुर के लिए निकले, तब पुलिस उन्हें जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ले गई। वहां से उन्होंने ट्वीट किया कि मैं उदयपुर संभाग में आदिवासी सम्मेलन में भाग लेना चाहता हूं। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि उन पर दबाव है और वे मुझे जयपुर से बाहर नहीं जाने देंगे। न ही किसी तरह का कोई लिखित आदेश देंगे। मेरे राजनीतिक जीवन में इस प्रकार की तानाशाह सरकार मैंने नहीं देखी जो मुझे मेरे आदिवासी भाई-बहनों से मिलने से रोक रही। मुखिया जी, कान खोलकर सुन लो, राजस्थान का यह शोषित दलित पीड़ित और आदिवासी मेरे साथ हो रहे अत्याचार को सहन नहीं करेगा। 

बातचीत विफल हो गई, एस्कॉर्ट कर अजमेर रोड ले गए
किरोड़ीलाल मीणा ने बताया कि शाम को पुलिस कमिश्नर बात करेंगे। कमिश्नर ने भी उन्हें उदयपुर जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। लिखित में भी कुछ देने को तैयार नहीं हुए। प्रशासन को आशंका है कि किरोड़ीलाल मीणा उदयपुर में कांग्रेस के संकल्प शिविर में व्यवधान डालेंगे। इसी वजह से उन्हें रोका जा रहा है। खैर, यह ड्रामा दिनभर चला। डॉ. मीणा यह लिखकर देने को भी तैयार थे कि शिविर में कोई व्यवधान नहीं डालेंगे, तब भी पुलिस ने उन्हें जाने नहीं दिया।

विस्तार

राजस्थान के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा को लेकर दिनभर ड्रामा चला। वह उदयपुर जाना चाहते थे, जहां कांग्रेस का नव संकल्प चिंतन शिविर शुरू हुआ है, पर पुलिस ने उन्हें जयपुर से बाहर नहीं जाने दिया। गुरुवार रात को अजमेर जाने से रोका तो शुक्रवार को दिनभर उदयपुर जाने से रोके रखा। शाम को पुलिस उन्हें एस्कॉर्ट कर अजमेर रोड पर लेकर गई।  

This News is Updated by Khabre Fatafat
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