मुकंदरा टाइगर रिजर्व: बाघिन एमटी-4 की शिफ्टिंग से वसुंधरा नाराज, कहा- उसे कुछ हुआ तो सरकार होगी जिम्मेदार

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सार

पूर्व सीएम राजे ने कहा कि जब एमटी-4 बाघिन को मुकंदरा टाइगर रिजर्व के सेल्जर में शिफ्ट करने की बात हुई, तो अधिकारियों ने वहां बायोटिक दबाव ज्यादा बताया था। आश्चर्य है कि जिन अफसरों ने सेल्जर को बाघिन के लिए उचित नहीं माना था, अब उन्हीं ने उसे वहां खुला छोड़ दिया है।

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राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने मुकंदरा टाइगर रिजर्व से बाघिन एमटी-4 को शिफ्ट करने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वन्य विभाग के अफसरों ने सेल्जर को बाघिन के लिए उचित नहीं माना था। इसके बाद भी उसे वहां क्यों खुला छोड़ दिया गया? दरअसल, प्रदेश के तीसरे टाइगर रिजर्व मुकंदरा में 2020 में अचानक बाघ-बाघिन की मौत होने लगी थी। साथ ही बाघ और शावक लापता भी हो गए थे। अब दो साल बाद एक बार फिर सरकार और वन विभाग ने बाघ के स्थान में बदलाव किया है। 

टाइगर रिजर्व की एक मात्र बाघिन एमटी-4 को दरा से हटाकर सेल्जर वनक्षेत्र में शिफ्ट किया गया है। पूर्व सीएम राजे इसके विरोध में उतर आई हैं। उन्होंने कहा कि अगर एमटी-4 बाघिन को कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। राजे ने इसे लेकर एक नहीं, तीन ट्वीट किए हैं। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर भी यह मुद्दा उठाया है।

राजे ने ट्वीट कर लिखा कि जब एमटी-4 बाघिन को मुकंदरा टाइगर रिजर्व के सेल्जर में शिफ्ट करने की बात हुई, तो अधिकारियों ने वहां बायोटिक दबाव ज्यादा होना और सुरक्षा का अभाव बताया गया था। आश्चर्य है कि जिन अफसरों ने सेल्जर को बाघिन के लिए उचित नहीं माना था, अब उन्हीं ने बाघिन को वहां खुला छोड़ दिया है। हमारी सरकार ने कठिन प्रयास करके दरा के जंगलों को पुनर्विकसित किया था। सरकार बताए कि इतने अनुचित कदम उठाने की क्या वजह है?

इस मुद्दे पर मुकंदरा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर सेडूराम यादव ने कहा कि सेल्जर मुकंदरा रिजर्व का नॉर्दन पार्ट हैं। साउथ पार्ट दरा है। पहले बाघ वहीं बसाए थे, बाघों की उस इलाके में मौत हो गई थी। अब एनटीसीए और डब्ल्यूआईआई के आदेश के बाद वन विभाग ने एमटी-4 बाघिन को दरा से सेल्जर में शिफ्टिंग किया गया है।   

बाघिन की सुरक्षा की जा रही  
यादव ने बताया कि बाघिन की 24 घंटे सुरक्षा की जा रही है। वह अब सेल्जर में नहीं है। पूरा जंगल उसके लिए खुला है। रिजर्व के लिए 151 चीतल लाए जा चुके हैं। मुकंदरा टाइगर रिजर्व को फिर से तैयार किया जा रहा है। एनटीसीए ने 82 स्क्वायर किलोमीटर में फैले एनक्लोजर को फिर से खोलने की अनुमति दे दी है।  

विस्तार

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने मुकंदरा टाइगर रिजर्व से बाघिन एमटी-4 को शिफ्ट करने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वन्य विभाग के अफसरों ने सेल्जर को बाघिन के लिए उचित नहीं माना था। इसके बाद भी उसे वहां क्यों खुला छोड़ दिया गया? दरअसल, प्रदेश के तीसरे टाइगर रिजर्व मुकंदरा में 2020 में अचानक बाघ-बाघिन की मौत होने लगी थी। साथ ही बाघ और शावक लापता भी हो गए थे। अब दो साल बाद एक बार फिर सरकार और वन विभाग ने बाघ के स्थान में बदलाव किया है। 

टाइगर रिजर्व की एक मात्र बाघिन एमटी-4 को दरा से हटाकर सेल्जर वनक्षेत्र में शिफ्ट किया गया है। पूर्व सीएम राजे इसके विरोध में उतर आई हैं। उन्होंने कहा कि अगर एमटी-4 बाघिन को कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। राजे ने इसे लेकर एक नहीं, तीन ट्वीट किए हैं। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर भी यह मुद्दा उठाया है।

राजे ने ट्वीट कर लिखा कि जब एमटी-4 बाघिन को मुकंदरा टाइगर रिजर्व के सेल्जर में शिफ्ट करने की बात हुई, तो अधिकारियों ने वहां बायोटिक दबाव ज्यादा होना और सुरक्षा का अभाव बताया गया था। आश्चर्य है कि जिन अफसरों ने सेल्जर को बाघिन के लिए उचित नहीं माना था, अब उन्हीं ने बाघिन को वहां खुला छोड़ दिया है। हमारी सरकार ने कठिन प्रयास करके दरा के जंगलों को पुनर्विकसित किया था। सरकार बताए कि इतने अनुचित कदम उठाने की क्या वजह है?

इस मुद्दे पर मुकंदरा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर सेडूराम यादव ने कहा कि सेल्जर मुकंदरा रिजर्व का नॉर्दन पार्ट हैं। साउथ पार्ट दरा है। पहले बाघ वहीं बसाए थे, बाघों की उस इलाके में मौत हो गई थी। अब एनटीसीए और डब्ल्यूआईआई के आदेश के बाद वन विभाग ने एमटी-4 बाघिन को दरा से सेल्जर में शिफ्टिंग किया गया है।   

बाघिन की सुरक्षा की जा रही  

यादव ने बताया कि बाघिन की 24 घंटे सुरक्षा की जा रही है। वह अब सेल्जर में नहीं है। पूरा जंगल उसके लिए खुला है। रिजर्व के लिए 151 चीतल लाए जा चुके हैं। मुकंदरा टाइगर रिजर्व को फिर से तैयार किया जा रहा है। एनटीसीए ने 82 स्क्वायर किलोमीटर में फैले एनक्लोजर को फिर से खोलने की अनुमति दे दी है।  

This News is Updated by Khabre Fatafat
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