समीक्षा बैठक: मुख्यमंत्री गहलोत बोले- जल और बिजली आपूर्ति में नहीं आने दी जाएगी कमी, गांवों तक टैंकरों से भेजें पानी   

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सार

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि जलदाय अधिकारी स्थानीय मांग के अनुसार टैंकरों से जल आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। नए हैंडपंपों की खुदाई और पुरानों की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए। पेयजल सप्लाई के समय बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। 

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर ऊर्जा, पीएचईडी सहित कई विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की गई। इस दौरान गहलोत ने कहा कि सरकार के कुशल प्रबंधन से प्रदेशवासियों को जल और बिजली आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

प्रदेश के गांव-ढाणी तक पानी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल और विद्युत आपूर्ति के लिए उच्चाधिकारी क्षेत्रों में दौरे कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और जनता से संवाद कर उनकी समस्याएं दूर करें। 

सीएम गहलोत ने निर्देश दिए कि जलदाय अधिकारी स्थानीय मांग के अनुसार टैंकरों से जल आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। नए हैंडपंपों की खुदाई और पुरानों की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए। पेयजल सप्लाई के समय बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि सभी जिला कलेक्टरों को आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए 50-50 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इससे हैंडपंप मरम्मत, टैंकरों से जल आपूर्ति और नए नलकूप खोदने के कार्य तत्काल किए जाएं। यह राशि खर्च होने पर आवश्यकतानुसार और राशि उपलब्ध कराई जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को राहत देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। जनरेटर, ट्रांसफॉर्मर सहित अन्य उपकरणों की अतिरिक्त व्यवस्था की जाए। 

मुख्यमंत्री गहलोत ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्य समय में परिवर्तन करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टरों से कहा कि श्रमिकों के कार्य का समय सुबह छह बजे से किया जाए। जिससे उन्हें गर्मी से बचाया जा सके। साथ ही कार्य स्थल पर छाया और मेडिकल किट सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। 

विस्तार

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निवास पर ऊर्जा, पीएचईडी सहित कई विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक की गई। इस दौरान गहलोत ने कहा कि सरकार के कुशल प्रबंधन से प्रदेशवासियों को जल और बिजली आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।

प्रदेश के गांव-ढाणी तक पानी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल और विद्युत आपूर्ति के लिए उच्चाधिकारी क्षेत्रों में दौरे कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और जनता से संवाद कर उनकी समस्याएं दूर करें। 

सीएम गहलोत ने निर्देश दिए कि जलदाय अधिकारी स्थानीय मांग के अनुसार टैंकरों से जल आपूर्ति सुनिश्चित कराएं। नए हैंडपंपों की खुदाई और पुरानों की मरम्मत का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए। पेयजल सप्लाई के समय बिजली कटौती नहीं होनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि सभी जिला कलेक्टरों को आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए 50-50 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इससे हैंडपंप मरम्मत, टैंकरों से जल आपूर्ति और नए नलकूप खोदने के कार्य तत्काल किए जाएं। यह राशि खर्च होने पर आवश्यकतानुसार और राशि उपलब्ध कराई जाएगी। 

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को राहत देने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं। जनरेटर, ट्रांसफॉर्मर सहित अन्य उपकरणों की अतिरिक्त व्यवस्था की जाए। 

मुख्यमंत्री गहलोत ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के कार्य समय में परिवर्तन करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला कलेक्टरों से कहा कि श्रमिकों के कार्य का समय सुबह छह बजे से किया जाए। जिससे उन्हें गर्मी से बचाया जा सके। साथ ही कार्य स्थल पर छाया और मेडिकल किट सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। 

This News is Updated by Khabre Fatafat
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