न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Thu, 28 Apr 2022 06:50 PM IST
सार
एक महीने से धरने पर बैठे स्वास्थ्य सहायकों का कहना है कि कोरोना के समय में सरकार ने हमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सहायकों के रूप में नियुक्त किया था। इस दौरान हम सब ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की जान बचाई। इसके बाद भी सरकार ने हमें नौकरी से हटा दिया।
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विस्तार
जयपुर में करीब एक महीने से कोविड स्वास्थ्य सहायक धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को अपने खून से एक हजार पोस्ट कार्ड लिखे और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजे। धरने पर बैठे स्वास्थ्य सहायकों को कहना है कि जब तक मांगे पूरी नहीं हो जाती हम धरने पर बैठे रहेंगे।
दरसअल, गहलोत सरकार ने कोरोना के समय में अस्थाई तौर पर कोविड स्वास्थ्य सहायकों की भर्ती की थी। कोरोना खत्म होने के बाद बीते माह मार्च में 28000 सीएचए को हटा दिया गया। इसके बाद से सभी कोविड स्वास्थ्य सहायक जयपुर के शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे हैं। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में कोविड स्वास्थ्य सहायकों ने अपने खून से एक हजार पोस्ट कार्ड लिखकर सीएम को भेजे हैं।
स्वास्थ्य सहायकों का कहना है कि कोरोना के समय जब हर कोई कोरोना वायरस से भयभीत था, उस समय सरकार ने हमें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सहायकों के रूप में नियुक्त किया था। इस दौरान हम सब ने अपनी जान की परवाह किए बिना मरीजों की जान बचाई। इसके बाद भी सरकार ने हमें नौकरी से हटा दिया।
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