गोरखपुर जिला कारागार में निरुद्ध अहमद मुर्तजा अब्बासी को एटीएस की टीम आज सुबह लखनऊ लेकर हुई रवाना – 24×7 Khabre Fatafat

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गोरखपुर जिला कारागार में निरुद्ध अहमद मुर्तजा अब्बासी को एटीएस की टीम सोमवार की सुबह लखनऊ लेकर रवाना हुई।दोपहर में उसे लखनऊ की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा। गोरखनाथ थाने में दर्ज हुए हत्या की कोशिश, धार्मिक भावना भड़काने, सरकारी कार्य में बाधा डालने के मुकदमे में एटीएस ने यूएपीए (गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) की धारा बढ़ा दी है। 16 अप्रैल को एसीजेएम कोर्ट ने मुर्तजा को 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के साथ ही केस लखनऊ की विशेष कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया था।

यूएपीए लगने के बाद 16 अप्रैल को विशेष कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था केस

तीन अप्रैल को गोरखनाथ मंदिर के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा में लगे पीएसी जवानों पर जानलेवा हमला के बाद परिसर में दाखिल होने की कोशिश कर रहा मुर्तजा अब्बासी पकड़ने के दौरान चोटिल हो गया। उसके बाएं हाथ में फ्रैक्चर था। जिसका आपरेशन करने के लिए 19 अप्रैल को जेल प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा में जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जांच के बाद 20 अप्रैल को मुर्तजा के हाथ का आपरेशन हुआ। गुरुवार की दोपहर में 12 बजे डाक्टर ने उसे छुट्टी दे दी। 23 अप्रैल को उसे फिर जिला अस्पताल लाया गया। जांच के बाद हाथ पर पक्का प्लास्टर लगा।सोमवार की सुबह लखनऊ से आयी एटीएस की टीम जिला कारागार पहुंची।

मुर्तजा को लखनऊ की विशेष कोर्ट में पेश करने की जानकारी देते हुए अपने साथ लखनऊ ले गई। जेलर प्रेम सागर शुक्ल ने बताया कि आज मुर्तजा लखनऊ की विशेष कोर्ट में पेश होगा।वह लखनऊ की जेल में रहेगा या गोरखपुर आएगा इसको लेकर कोई आदेश नहीं मिला है।यह कोर्ट में पेश होने के बाद ही पता चलेगा।

अब तक क्या हुआ

दो अप्रैल : एटीएस की टीम मुर्तजा को ढूंढते हुए घर पहुंची।जानकारी होने पर नेपाल भागा।

तीन अप्रैल : नेपाल से लौटे मुर्तजा ने गोरखनाथ मंदिर गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला किया।

तीन अप्रैल : मुर्तजा को गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस ने गोरखनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया।

चार अप्रैल : टेरर कनेक्शन से मामला जुड़ने पर पुलिस के साथ ही एटीएस व खुफिया एजेंसियों ने पूछताछ की।

चार अप्रैल : कोर्ट ने मुर्तजा को एक सप्ताह के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड में भेजा।

पांच अप्रैल : शासन ने मुकदमे की विवेचना एटीएस को सौंपी, लखनऊ से अधिकारी गोरखपुर पहुंचे।

पांच अप्रैल : पूछताछ के बाद देर रात एटीएस की टीम मुर्तजा को लेकर लखनऊ रवाना हुई।

छह अप्रैल : एटीएस व कैंट पुलिस ने घर की तलाशी लेने के साथ ही मुर्तजा के कमरे में ताला बंद किया।

सात अप्रैल : पिता मुनीर को पूछताछ के लिए एटीएस मुख्यालय लखनऊ बुलाया गया।

आठ अप्रैल : मुर्तजा के बड़े पिता डा. खालिद को एटीएस ने बयान दर्ज कराने का नोटिस भेजा।

10 अप्रैल : डा. खालिद अब्बासी अपना बयान दर्ज कराने एटीएस गोरखपुर के कार्यालय पहुंचे।

11 अप्रैल : एटीएस ने मुर्तजा को एसीजेएम कोर्ट में पेश किया, पांच दिन की पीसीआर मिली।

12 अप्रैल : मुर्तजा को लेकर एटीएस उसके घर पहुंची। कमरे से डोंगल व एयरगन मिला।

14 अप्रैल : एटीएस की टीम मुर्तजा को पूछताछ के लिए गोरखपुर से लखनऊ ले गई।

16 अप्रैल : मुर्तजा पर दर्ज मुकदमे में यूएपीए बढ़ा, कोर्ट ने जेल भेजा।

17 अप्रैल : लखनऊ में पूछताछ के लिए बुलाए गए माता-पिता घर लौटे।

19 अप्रैल : आपरेशन के लिए मुर्तजा जिला अस्पताल में भर्ती हुआ।

20 अप्रैल : जांच के बाद जिला अस्पताल में हाथ का आपरेशन हुआ।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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