सीएम ने पीएम को लिख पत्र: गहलोत का मोदी से अनुरोध, जल जीवन मिशन की समय-सीमा 2026 तक बढ़ाएं

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Wed, 20 Apr 2022 10:03 PM IST

सार

मुख्यमंत्री गहलोत ने पीएम को लिखे पत्र में कहा कि पूरे देश में चल रहे मिशन के कार्यों के कारण परियोजना के घटकों की मांग में काफी वृद्धि हुई है। विशेष रूप से स्टील, डीआई और एचडीपीई पाइपों की मांग तेजी से बढ़ी है। इस कारण से भी जल जीवन मिशन की प्रगति धीमी हुई है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जल जीवन मिशन की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस मिशन को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2026 तक बढ़ाए जाने की मांग की है। पत्र में उन्होंने कहा कि मिशन के शुरूआती दिनों में मार्च 2020 से जुलाई 2020 तक कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन के कारण जल जीवन मिशन की गति काफी धीमी रही। साल 2021 में भी कोरोना के कारण मिशन का कार्य आंशिक रूप से बाधित रहा। 

गहलोत ने पत्र में लिखा कि पूरे देश में चल रहे मिशन के कार्यों के कारण परियोजना के घटकों की मांग में काफी वृद्धि हुई है। विशेष रूप से स्टील, डीआई और एचडीपीई पाइपों की मांग तेजी से बढ़ी है। इस कारण से भी जल जीवन मिशन की प्रगति धीमी हुई है। 

राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में सबसे बड़ा राज्य है। यहां की अतिविषम भौगोलिक परिस्थिति और छितराई हुई बसावट है। प्रदेश का दो-तिहाई हिस्सा मरूस्थलीय है और दक्षिण में पहाड़ी क्षेत्र है। ऐसे कठिन इलाकों के लिए परियोजनाओं की समय सीमा पूर्व में 30 से 48 महीने थी, लेकिन अब इसे घटाकर 12 से 24 महीने कर दिया गया है। इससे लक्ष्य को हासिल करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। 

गहलोत ने पत्र के माध्यम से पीएम मोदी को अवगत कराया है कि बारां, झालावाड़ व कोटा की परवन अकावद जलापूर्ति परियोजना, बाड़मेर जिले में नर्मदा नहर आधारित परियोजना के लिए राजस्थान ग्रामीण जलापूर्ति और फ्लोरोसिस शमन परियोजना (चरण-द्वितीय), झुंझुनूं जिले के आईजीएमसी आधारित (सीपी-प्रथम) सूरजगढ़ और उदयपुरवाटी को नल द्वारा जल उपलब्ध करवाने की योजना, चित्तौड़गढ़ के 648 गांवों को चंबल नदी से पेयजल आपूर्ति की परियोजना, ईसरदा-दौसा पेयजल जलापूर्ति परियोजना, नौनेरा जलापूर्ति परियोजना, चंबल नदी से जलापूर्ति योजना जैसी वृहद् परियोजनाओं का कार्य 24 महीने में पूर्ण होने की संभावना बहुत कम है। 

गहलोत ने कहा कि रूस और यूक्रेन से युद्ध के कारण कई वस्तुओं के दाम में भी अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इससे कार्यों के क्रियान्वयन में भी कठिनाइयां आ रही है। इन सब स्थितियों के दृष्टिगत उन्होंने पीएम मोदी से जल जीवन मिशन की समय-सीमा को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाए जाने का अनुरोध किया है। इससे मिशन का लाभ प्रत्येक परिवार को मिल सकेगा। 

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जल जीवन मिशन की समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। उन्होंने इस मिशन को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2026 तक बढ़ाए जाने की मांग की है। पत्र में उन्होंने कहा कि मिशन के शुरूआती दिनों में मार्च 2020 से जुलाई 2020 तक कोविड-19 महामारी के चलते लॉकडाउन के कारण जल जीवन मिशन की गति काफी धीमी रही। साल 2021 में भी कोरोना के कारण मिशन का कार्य आंशिक रूप से बाधित रहा। 

गहलोत ने पत्र में लिखा कि पूरे देश में चल रहे मिशन के कार्यों के कारण परियोजना के घटकों की मांग में काफी वृद्धि हुई है। विशेष रूप से स्टील, डीआई और एचडीपीई पाइपों की मांग तेजी से बढ़ी है। इस कारण से भी जल जीवन मिशन की प्रगति धीमी हुई है। 

राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में सबसे बड़ा राज्य है। यहां की अतिविषम भौगोलिक परिस्थिति और छितराई हुई बसावट है। प्रदेश का दो-तिहाई हिस्सा मरूस्थलीय है और दक्षिण में पहाड़ी क्षेत्र है। ऐसे कठिन इलाकों के लिए परियोजनाओं की समय सीमा पूर्व में 30 से 48 महीने थी, लेकिन अब इसे घटाकर 12 से 24 महीने कर दिया गया है। इससे लक्ष्य को हासिल करना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। 

गहलोत ने पत्र के माध्यम से पीएम मोदी को अवगत कराया है कि बारां, झालावाड़ व कोटा की परवन अकावद जलापूर्ति परियोजना, बाड़मेर जिले में नर्मदा नहर आधारित परियोजना के लिए राजस्थान ग्रामीण जलापूर्ति और फ्लोरोसिस शमन परियोजना (चरण-द्वितीय), झुंझुनूं जिले के आईजीएमसी आधारित (सीपी-प्रथम) सूरजगढ़ और उदयपुरवाटी को नल द्वारा जल उपलब्ध करवाने की योजना, चित्तौड़गढ़ के 648 गांवों को चंबल नदी से पेयजल आपूर्ति की परियोजना, ईसरदा-दौसा पेयजल जलापूर्ति परियोजना, नौनेरा जलापूर्ति परियोजना, चंबल नदी से जलापूर्ति योजना जैसी वृहद् परियोजनाओं का कार्य 24 महीने में पूर्ण होने की संभावना बहुत कम है। 

गहलोत ने कहा कि रूस और यूक्रेन से युद्ध के कारण कई वस्तुओं के दाम में भी अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। इससे कार्यों के क्रियान्वयन में भी कठिनाइयां आ रही है। इन सब स्थितियों के दृष्टिगत उन्होंने पीएम मोदी से जल जीवन मिशन की समय-सीमा को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाए जाने का अनुरोध किया है। इससे मिशन का लाभ प्रत्येक परिवार को मिल सकेगा। 

This News is Updated by Khabre Fatafat
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