राजस्थान: दौसा डॉक्टर आत्महत्या मामले पर बोले चिकित्सा मंत्री, पुलिस की लापरवाही से गई जान

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न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: रोमा रागिनी
Updated Wed, 30 Mar 2022 12:18 PM IST

सार

दौसा में महिला डॉक्टर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में राज्य के चिकित्सा मंत्री ने कहा कि पुलिस को डॉक्टर पर हत्या का केस नहीं दर्ज करना चाहिए था।

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दौसा में महिला डॉक्टर के आत्महत्या मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा मामले को लेकर गहलोत सरकार को घेरने में लगी है। इसी बीच राज्य के चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने डॉक्टर के आत्महत्या मामले पर बयान दिया है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि पुलिस की लापरवाही से महिला डॉक्टर की जान चली गई। 

चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि पुलिस को डॉक्टर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज नहीं करने चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुकी है कि डॉक्टरों पर सेक्शन 302 के तहत मामला दर्ज नहीं किया जा सकता। 

क्या है मामला

डॉक्टर अर्चना शर्मा और उनके पति का लालसोट में हॉस्पिटल है। खेमावास निवासी लालूराम बैरवा अपनी पत्नी आशा देवी (22) को डिलीवरी के लिए सोमवार सुबह हॉस्पिटल लेकर आया था। डिलीवरी के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी, वहीं नवजात सकुशल है। महिला की मौत के बाद घरवालों ने मुआवजे की मांग को लेकर देर रात ढाई बजे तक हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन किया था। गुस्साए घरवालों ने लालसोट थाने में डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया था। कहा जा रहा है कि इससे डॉक्टर डिप्रेशन में आ गई थी। उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 

सुसाइड नोट में लिखा-मैंने किसी को नहीं मारा

डॉक्टर अर्चना शर्मा अपने पीछे दो बच्चों को पति के सहारे छोड़ गईं। महिला डॉक्टर के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उन्होंने लिखा कि मैंने कोई गलती नहीं की और मैंने किसी को नहीं मारा। मैं मेरे बच्चों और पति से बहुत प्यार करती हूं। 

हड़ताल पर उतरे डॉक्टर
मामले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन राजस्थान ने 24 घंटे बंद का एलान किया है। आज सुबह छह बजे से गुरुवार सुबह छह बजे तक प्रदेश के सभी निजी अस्पताल बंद रहेंगे। इमरजेंसी सेवा भी बंद रहेंगी। 

विस्तार

दौसा में महिला डॉक्टर के आत्महत्या मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा मामले को लेकर गहलोत सरकार को घेरने में लगी है। इसी बीच राज्य के चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने डॉक्टर के आत्महत्या मामले पर बयान दिया है। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि पुलिस की लापरवाही से महिला डॉक्टर की जान चली गई। 


चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने कहा कि पुलिस को डॉक्टर के खिलाफ हत्या का केस दर्ज नहीं करने चाहिए था। सुप्रीम कोर्ट पहले ही कह चुकी है कि डॉक्टरों पर सेक्शन 302 के तहत मामला दर्ज नहीं किया जा सकता। 

क्या है मामला

डॉक्टर अर्चना शर्मा और उनके पति का लालसोट में हॉस्पिटल है। खेमावास निवासी लालूराम बैरवा अपनी पत्नी आशा देवी (22) को डिलीवरी के लिए सोमवार सुबह हॉस्पिटल लेकर आया था। डिलीवरी के दौरान प्रसूता की मौत हो गई थी, वहीं नवजात सकुशल है। महिला की मौत के बाद घरवालों ने मुआवजे की मांग को लेकर देर रात ढाई बजे तक हॉस्पिटल के बाहर प्रदर्शन किया था। गुस्साए घरवालों ने लालसोट थाने में डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया था। कहा जा रहा है कि इससे डॉक्टर डिप्रेशन में आ गई थी। उन्होंने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 

सुसाइड नोट में लिखा-मैंने किसी को नहीं मारा

डॉक्टर अर्चना शर्मा अपने पीछे दो बच्चों को पति के सहारे छोड़ गईं। महिला डॉक्टर के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। जिसमें उन्होंने लिखा कि मैंने कोई गलती नहीं की और मैंने किसी को नहीं मारा। मैं मेरे बच्चों और पति से बहुत प्यार करती हूं। 

हड़ताल पर उतरे डॉक्टर

मामले के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन राजस्थान ने 24 घंटे बंद का एलान किया है। आज सुबह छह बजे से गुरुवार सुबह छह बजे तक प्रदेश के सभी निजी अस्पताल बंद रहेंगे। इमरजेंसी सेवा भी बंद रहेंगी। 

This News is Updated by Khabre Fatafat
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