न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 25 Mar 2022 03:25 PM IST
सार
शीतलाष्टमी पर घरों में पानी की मटकी के ऊपर शीतला माता की तस्वीर बनाकर विधिवत तरीके से पूजन कर मां की स्तुति भी की गई। कई स्थानों में पर मां शीतला की सवारी दर्द का पूजन भी किया गया।
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विस्तार
भक्तों ने माता को राब, छाछ, बेसन मोगर परांठे, केर, सांगरी और ग्वारपाठा की सब्जी का भोग भी लगाया। माता को नमक और झाड़ू चढ़ाकर बच्चों के स्वास्थ्य की कामना भी की। शीतलाष्टमी पर शीतला माता के मंदिर में भव्य मेले भी लगाया गया है।
घरों में पानी की मटकी के ऊपर शीतला माता की तस्वीर बनाकर विधिवत पूजन सामग्री से पूजन कर मां की स्तुति भी की गई। कई स्थानों में पर मां शीतला की सवारी दर्द का पूजन भी किया गया। ऐसे कहा जाता है कि शीतलाष्टमी मनाने वाले लोग ठंडे भोजन को ही प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार शीतलाष्टमी के दिन चूल्हा नहीं जलाया जाता है। एक दिन पहले बना ठंडा खाना ही खाया जाता है।
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