न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: रोमा रागिनी
Updated Wed, 09 Mar 2022 04:34 PM IST
सार
बीकानेर में फर्जी बैंक खाते खोलकर 10 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाला एसओजी के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने संभावना व्यक्त की है कि पूछताछ में बड़े नाम सामने आएंगे।

बीकानेर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोपी
– फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
बीकानेर में फर्जी बैंक खातों से करोड़ों रूपये की मनी लॉड्रिंग के बहुचर्चित मामले में एसओजी ने बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण के मुख्य अभियुक्त मनीष छाजेड़ को एसओजी ने चार साल बाद गिरफ्तार किया है।
प्रकरण की जांच में सामने आया कि फर्जी बैंक खाते खोलकर काला धन जमा किए गए। फिर इसे देश की नामी शेयर कंपनियों में डीमेट अकाउंट के जरिए करीब दस करोड़ की धोखाधड़ी की गई। सीआईडी सीबी ने इसे अपनी जांच में मनी लॉन्ड्रिंग मानते हुए आठ हजार से अधिक पेज की जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजी। इसके बाद मामले की जांच एसओजी को सौंपी गई थी। एसओजी ने जांच में दोषी पाए जाने पर मंगलवार को गंगाशहर निवासी मनीष छाजेड़ को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर कोटेगेट थाने सुपुर्द किया गया है।
यह है मामला
मुरलीधर व्यास नगर निवासी सुनील सोनी ने दो मुकदमे दर्ज करवाए थे। जिसमें उसने बताया था कि उसकी पत्नी के नाम से खोले गए फर्जी खातों में 2010 और 2011 में 79 लाख 41हजार 465 रुपए का लेनदेन किया गया जबकि उसका उस बैंक में खाता तक नहीं था। आयकर विभाग ने भारी मात्रा में पैसों के लेनदेन करने पर सुनील पर 63 लाख 54 हजार 560 रुपए जमा करवाने को कहा था। सुनील ने बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक धर्म चंद बोथरा विनोद कुमार और एक अन्य बैंक कर्मी के विरुद्ध फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज करवाया था। बताया जा रहा हैं करोड़ो रूपयों की इस हेराफेरी के मामले में कई बड़े लोगो के नाम सामने आएंगे।
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