जोधपुर: आसाराम केस की सुनवाई अब 22 मार्च को होगी, इस कारण से हाई कोर्ट ने दी नई तारीख 

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Mon, 07 Mar 2022 04:35 PM IST

सार

तत्कालीन डीसीपी अजय पाल लांबा के कोरोना पॉजिटव होने के कारण हाई कोर्ट में आसाराम केस की सुनवाई नहीं हो सकी। अब 22 मार्च को मामले की सुनवाई होगी। इस दौरान लांबा के बयान दर्ज किए जाएंगे। 

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जोधपुर जेल में यौन उत्पीड़न के आरोप में आजीवन सजा काट रहे आसाराम के केस की सुनवाई टल गई है। अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी। तत्कालीन डीसीपी अजय पाल लांबा को कोर्ट में पेश होना था, सरकारी वकील ने हाजिरी माफी पेश कर दी। इसके बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने सुनवाई के लिए नई तारीख दे दी। 

वरिष्ठ न्यायाधीश संदीप मेहता की खंडपीठ में आज सोमवार को मामले की सुनवाई होनी थी। इसमें तत्कालीन डीसीपी लांबा को अपने बयान दर्ज कराने थे, लेकिन वे कोरोना पॉजिटिव हो गए। इस कारण कोर्ट नहीं आ पाने के चलते सरकारी अधिवक्ता हाजिरी माफी पेश कर दी। इसके बाद होईकोर्ट ने नई तारीख दे दी। 

दरअसल,  हाई कोर्ट में आसाराम के अधिवक्ताओं की ओर से पिछली सुनवाई में पेश प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते कर तत्कालीन डीसीपी अजय पाल लांबा को बयान के लिए तलब किया था। आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने एक प्रार्थना पत्र पेश किया, जो लांबा से संबंधित है।

लांबा ने अपनी एक किताब आसाराम पर लिखी है। उसी को आधार बनाकर आसाराम के अधिवक्ता तत्कालीन डीसीपी लांबा जो कि इस केस में अधिकारी थे उसकी साक्ष्य करवाना चाहते हैं। उन्होंने  लांबा को हाई कोर्ट में बुलाने और साक्ष्य दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र पेश कर रखा है।  बता दें कि तत्कालीन डीसीपी लांबा ने ही आसाराम को गिरफ्तार किया था और अपराध स्थल की जांच करते हुए वीडियोग्राफी भी करवाई थी। अब आसाराम के अधिवक्ता उसी को आधार बनाकर दोबारा साक्ष्य करवाना चाहते हैं।  

विस्तार

जोधपुर जेल में यौन उत्पीड़न के आरोप में आजीवन सजा काट रहे आसाराम के केस की सुनवाई टल गई है। अगली सुनवाई 22 मार्च को होगी। तत्कालीन डीसीपी अजय पाल लांबा को कोर्ट में पेश होना था, सरकारी वकील ने हाजिरी माफी पेश कर दी। इसके बाद राजस्थान हाई कोर्ट ने सुनवाई के लिए नई तारीख दे दी। 

वरिष्ठ न्यायाधीश संदीप मेहता की खंडपीठ में आज सोमवार को मामले की सुनवाई होनी थी। इसमें तत्कालीन डीसीपी लांबा को अपने बयान दर्ज कराने थे, लेकिन वे कोरोना पॉजिटिव हो गए। इस कारण कोर्ट नहीं आ पाने के चलते सरकारी अधिवक्ता हाजिरी माफी पेश कर दी। इसके बाद होईकोर्ट ने नई तारीख दे दी। 

दरअसल,  हाई कोर्ट में आसाराम के अधिवक्ताओं की ओर से पिछली सुनवाई में पेश प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते कर तत्कालीन डीसीपी अजय पाल लांबा को बयान के लिए तलब किया था। आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने एक प्रार्थना पत्र पेश किया, जो लांबा से संबंधित है।

लांबा ने अपनी एक किताब आसाराम पर लिखी है। उसी को आधार बनाकर आसाराम के अधिवक्ता तत्कालीन डीसीपी लांबा जो कि इस केस में अधिकारी थे उसकी साक्ष्य करवाना चाहते हैं। उन्होंने  लांबा को हाई कोर्ट में बुलाने और साक्ष्य दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र पेश कर रखा है।  बता दें कि तत्कालीन डीसीपी लांबा ने ही आसाराम को गिरफ्तार किया था और अपराध स्थल की जांच करते हुए वीडियोग्राफी भी करवाई थी। अब आसाराम के अधिवक्ता उसी को आधार बनाकर दोबारा साक्ष्य करवाना चाहते हैं।  

This News is Updated by Khabre Fatafat
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