राजस्थान:  अलवर यूआईटी में पदस्थ बाबू 22 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, पट्टा देने के लिए मांगे थे 22 हजार

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Tue, 22 Feb 2022 05:10 PM IST

सार

अलवर के नगर विकास न्यास में 22 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने एक बाबू को गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू ने पट्टा देने के लिए पीड़ित से रुपए की मांग की थी। शिकायत के बाद एसीबी ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। 

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अलवर नगर परिषद के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जिले के नगर विकास न्यास (यूआईटी) में भ्रष्टाचार के खेल का खुलासा किया है। यहां पदस्थ एक बाबू को 22 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए मंगलवार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बाबू ने पट्टा देने के लिए पीड़ित से रुपए की मांग की थी। 

नगर विकास न्यास के कनिष्ठ लिपिक (बाबू ) मुकेश चौधरी को एसीबी ने 22 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी के एडिशनल एसपी एसीबी विजय सिंह के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया था। एसीबी की टीम ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। बाबू से पूछताछ कर उसका पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। 

नगर परिषद में पकड़े गए थे पार्षद और दो ठेकेदार 
अलवर नगर परिषद में मंत्री टीकाराम जूली के करीबी पार्षद नरेंद्र मीणा, ठेकेदार रमेश गुप्ता और संजीव भार्गव को एसीबी ने गिरफ्तार किया था। आरोपी पांच लाख 15 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे। दोनों ठेकेदार नरेंद्र मीणा के लिए पैसे कलेक्शन का करते थे। आरोपी पार्षद ठेकेदारों को काम दिलवाने के बदले पांच फीसदी रिश्वत लेता था। रिश्वत की ढाई फीसदी रकम टेंडर प्रक्रिया और ढाई फीसदी वर्क ऑर्डर दिलवाने के समय वसूलता था।  

विस्तार

अलवर नगर परिषद के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने जिले के नगर विकास न्यास (यूआईटी) में भ्रष्टाचार के खेल का खुलासा किया है। यहां पदस्थ एक बाबू को 22 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए मंगलवार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बाबू ने पट्टा देने के लिए पीड़ित से रुपए की मांग की थी। 

नगर विकास न्यास के कनिष्ठ लिपिक (बाबू ) मुकेश चौधरी को एसीबी ने 22 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी के एडिशनल एसपी एसीबी विजय सिंह के नेतृत्व में इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया था। एसीबी की टीम ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की है। बाबू से पूछताछ कर उसका पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। 

नगर परिषद में पकड़े गए थे पार्षद और दो ठेकेदार 

अलवर नगर परिषद में मंत्री टीकाराम जूली के करीबी पार्षद नरेंद्र मीणा, ठेकेदार रमेश गुप्ता और संजीव भार्गव को एसीबी ने गिरफ्तार किया था। आरोपी पांच लाख 15 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे। दोनों ठेकेदार नरेंद्र मीणा के लिए पैसे कलेक्शन का करते थे। आरोपी पार्षद ठेकेदारों को काम दिलवाने के बदले पांच फीसदी रिश्वत लेता था। रिश्वत की ढाई फीसदी रकम टेंडर प्रक्रिया और ढाई फीसदी वर्क ऑर्डर दिलवाने के समय वसूलता था।  

This News is Updated by Khabre Fatafat
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