न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Fri, 11 Feb 2022 11:47 AM IST
सार
मगरा मेवाड़ रेलवे संघर्ष समिति के अध्यक्ष हमीर सिंह भाटी ब्यावर से कामलीघाट रेललाइन के लिए विधायक, लोकसभा अध्यक्ष और कई बड़े-बड़े मंत्रियों को ज्ञापन दे चुके हैं। 30 साल के संघर्ष के बाद भी उनकी यह मांग पूरी नहीं हो पाई है।
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विस्तार
लोगों को रोजगार मिलेगा
समिति के अध्यक्ष हमीर सिंह भाटी ने बताया कि ब्यावर से कामलीघाट की दूरी करीब 95 किमी है। सरकार इस ओर ध्यान दे तो मगरा क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा, आने-जाने में सुविधा मिलेगी और समय की भी बचत होगी। साथ ही हाइवे पर हो रहे हादसों में भी कमी आएगी। इस लाइन के स्वीकृत होने से ब्यावर जंक्शन बनने की भी पूरी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि 1916 में ब्रिटिश काल के दौरान रेल लाइन के लिए सर्वे भी हुआ था।
पर्यटन को मिल सकता है बढ़ावा
अगर रेल बनती है तो ब्यावर, राजियावास, जवाजा, तारागढ़, बल्ली जैसाखेड़ा, भीम, बरार, टॉडगढ़, बगड़ से होते हुए कामलीघाट जाएगी। इन जगहों पर नीलकंठ, आशापुरा माता, दुदलेश्वर महादेव, अरावली अभ्यारण, गोरी धाम, गोरम घाट, कजलवा जैसे कई पर्यटक स्थल हैं। रेल सुविधा होने से यहां सैलानियों की संख्या बढ़ सकती है।
रेल मंत्री को भेजा ज्ञापन
मगरा मेवाड़ रेल संघर्ष समिति के अध्यक्ष हमीर सिंह भाटी, सदस्य वीरेंद्र सिंह भाटी, राज किशोर चावड़ा, भगवान सिंह, धर्मेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह और गोपाल शर्मा ने केंद्रीय रेल मंत्री को ज्ञापन भेजा है।
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