राजस्थान: कोटा एयरपोर्ट की 10 हेक्टेयर जमीन पर बनेगा मिनी सचिवालय, बाकी 150 हेक्टेयर पर होगा प्लांटेशन

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sun, 23 Jan 2022 04:58 PM IST

सार

नए एयरपोर्ट की जमीन का लैंड डायवर्जन शुल्क देगी सरकार, करीब 48 करोड़ रुपए आएगा खर्च

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गहलोत सरकार में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल छह दिन के कोटा प्रवास पर हैं। उन्होंने आज यूआईटी के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री ने कहा कि कोटा एयरपोर्ट की 9 से 10 हेक्टेयर जमीन पर मिनी सचिवालय बनाया जाएगा। बाकी बची 150 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर प्लांटेशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी को यह जमीन राज्य सरकार को देनी होगी। ऐसा नहीं होगा कि यूआईटी यहां प्लॉट कटेगी। 

शंभूपुरा और तुलसी गांवों के आसपास की वन विभाग व यूआईटी की जमीन पर प्रस्तावित नए एयरपोर्ट के मामले को लेकर मंत्री ने कहा, फॉरेस्ट लैंड का डायवर्सन शुल्क राज्य सरकार देगी। सरकार की तरफ से इस काम में कोई देरी नहीं हो रही है। सरकार ने नए एयरपोर्ट के लिए जमीन निःशुल्क दी है। वन भूमि के डायवर्सन शुल्क को भी सरकार ही देगी। इसका खर्च 48 करोड़ से ज्यादा है। सरकार की ओर से यह राशि भी तैयार है।

डायवर्जन का काम केंद्र को करना है
उन्होंने कहा कि लैंड डायवर्सन के लिए राज्य सरकार ने ऑनलाइन आवेदन किया है। डायवर्सन का काम केंद्र को करना है। केंद्र जैसे ही डिमांड नोट निकलेगा, राज्य सरकार शुल्क जमा करा देगी। इधर, रविवार को जिला कलेक्टर हरिमोहन मीणा, अतिरिक्त कलेक्टर प्रशासन राजकुमार सिंह, युआईटी सचिव राजेश जोशी ने प्रस्तावित नए एयरपोर्ट जमीन का निरीक्षण किया। जिला कलेक्टर ने कहा कि यूआईटी की जमीन को सात दिन में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के नाम कर दी जाएगी।

विस्तार

गहलोत सरकार में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल छह दिन के कोटा प्रवास पर हैं। उन्होंने आज यूआईटी के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री ने कहा कि कोटा एयरपोर्ट की 9 से 10 हेक्टेयर जमीन पर मिनी सचिवालय बनाया जाएगा। बाकी बची 150 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन पर प्लांटेशन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी को यह जमीन राज्य सरकार को देनी होगी। ऐसा नहीं होगा कि यूआईटी यहां प्लॉट कटेगी। 

शंभूपुरा और तुलसी गांवों के आसपास की वन विभाग व यूआईटी की जमीन पर प्रस्तावित नए एयरपोर्ट के मामले को लेकर मंत्री ने कहा, फॉरेस्ट लैंड का डायवर्सन शुल्क राज्य सरकार देगी। सरकार की तरफ से इस काम में कोई देरी नहीं हो रही है। सरकार ने नए एयरपोर्ट के लिए जमीन निःशुल्क दी है। वन भूमि के डायवर्सन शुल्क को भी सरकार ही देगी। इसका खर्च 48 करोड़ से ज्यादा है। सरकार की ओर से यह राशि भी तैयार है।

डायवर्जन का काम केंद्र को करना है

उन्होंने कहा कि लैंड डायवर्सन के लिए राज्य सरकार ने ऑनलाइन आवेदन किया है। डायवर्सन का काम केंद्र को करना है। केंद्र जैसे ही डिमांड नोट निकलेगा, राज्य सरकार शुल्क जमा करा देगी। इधर, रविवार को जिला कलेक्टर हरिमोहन मीणा, अतिरिक्त कलेक्टर प्रशासन राजकुमार सिंह, युआईटी सचिव राजेश जोशी ने प्रस्तावित नए एयरपोर्ट जमीन का निरीक्षण किया। जिला कलेक्टर ने कहा कि यूआईटी की जमीन को सात दिन में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के नाम कर दी जाएगी।

This News is Updated by Khabre Fatafat
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