प्रोफेसर मेहर, डाॅ. राजपुरोहित एवं डाॅ. शर्मा को साहित्य सम्मान

जोधपुर । राजस्थानी भाषा साहित्य के ख्यातनाम शिक्षाविद प्रोफेसर जहूर खां मेहर, राजस्थानी कवि एवं आलोचक डाॅ. गजेसिंह राजपुरोहित तथा हिन्दी साहित्य की सुप्रसिद्ध कवयित्री डाॅ. पद्मजा शर्मा को उनकी उल्लेखनीय साहित्य साधना के लिए साहित्य संस्थान सिटिजन्स सोसाइटी फाॅर एज्यूकेशन द्वारा शिक्षक दिवस पर आयोजित व्यास अभिनंदन दिवस समारोह में पुरस्कृत किया गया ।

देश के ख्यातनाम वैज्ञानिक एवं इसरो के पूर्व निदेशक डाॅ. ओ.पी.एन. कल्ला की अध्यक्षता एवं जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) पी.सी. त्रिवेदी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस सम्मान समारोह में समाजसेवी सुरेश राठी विशिष्ट अतिथि थे । इस अवसर पर संस्थान द्वारा ख्यातनाम शिक्षाविद प्रोफेसर जहूर खां मेहर को स्वामी कृष्णानन्द स्मृति शिक्षा सेवा सम्मान 2020 , राजस्थानी कवि एवं आलोचक डाॅ.गजेसिंह राजपुरोहित को उनकी राजस्थानी काव्य कृति पळकती प्रीत पर डाॅ. नृसिंह राजपुरोहित राजस्थानी साहित्य पुरस्कार 2020 तथा हिन्दी साहित्य की सुप्रसिद्ध कवयित्री डाॅ. पद्मजा शर्मा को श्री प्रेमशंकर श्रीवास्तव श्रेष्ठ साहित्य सृजन पुरस्कार 2020 प्रदान किया गया ।

पुरस्कार के अंतर्गत संस्था द्वारा रचनाकारों को शाॅल, शाफा, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं चेक प्रदान किया गया । इस अवसर पर राजस्थानी रचनाकार जनाब वाजिद हसन काजी ने डाॅ. राजपुरोहित की काव्य कृति पळकती प्रीत पर आलोचनात्मक पत्र प्रस्तुत किया । डाॅ. शालिनी गोयल ने डाॅ. पद्मजा शर्मा की कृति विश्वास का घर पर पत्र वाचन किया । समारोह में राजस्थानी, हिंदी एवं ऊर्दू भाषा के अनेक प्रतिष्ठित रचनाकार मौजूद थे । ज्ञातव्य है कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार विगत पन्द्रह वर्षों से साहित्य के श्रेत्र में उल्लेखनीय सृजन के लिए प्रदान किये जा रहे है । कवि गजेसिंह राजपुरोहित द्वारा रचित राजस्थानी काव्य कृति ‘ पळकती प्रीत ‘ राजस्थानी साहित्य के प्रसिद्ध प्रेमाख्यानों पर आधारित है जिसमें ढोला – मारु, जेठवा – ऊजळी, सैणी – बीझाणंद, बाघौ – भारमली, नरबद – सुपियार, आभळ – खींवजी, केहर – कंवळ, मूमल- महेन्द्रा, नागजी – नागवती, जलाल – बूबना आद इग्यारै प्रेमाख्यान सम्मिलित हैं । प्रसिद्ध हिन्दी रचनाकार डाॅ. पद्मजा शर्मा की कृति विश्वास का घर डायरी लेखन विधा से जुड़ी हुई संस्मरणात्मक गद्य रचना है । यह दोनों ही रचनाएँ कोरोना काल के दरम्यान लिखी गई है । कार्यक्रम का संचालन सोसाइटी के अध्यक्ष एवं समारोह संयोजक गोपालकृष्ण जोशी ने किया । सोसाइटी के सचिव मोहनलाल वैष्णव ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया । इस अवसर पर राजस्थानी हिन्दी एवं ऊर्दू भाषा के अनेक रचनाकार एवं शहर के साहित्य प्रेमी मौजूद रहे ।

This News is Updated by जितेन्द्र पुरोहित
नोट :- अन्य अपडेट लगातार पाने के लिए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें| आप हमें ट्वीटर पर भी फॉलो कर सकते हैं| आप हमारा एंड्राइड ऐप भी डाउनलोड कर सकते है|नवीनतम वीडियो न्यूज देखने के लिए हमें यूटूब (Youtube) पर सब्सक्राइब करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here