
सीएम अशोक गहलोत।
– फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राइट टू हेल्थ बिल का विरोध, इलाज के लिए भटकते मरीजों की परेशानी और प्रदेश भर के डॉक्टरों की 17 दिन की हड़ताल के बाद सहमति से राजस्थान में लागू हुए ‘राइट टू हेल्थ बिल’ की खुशी प्रदेश सरकार के लिए काफी महत्व रखती है। ऐसे समय में जब प्रदेश में चुनाव की तैयारियों के लिए सभी पार्टियां एड़ी-चोटी का जोर लगाने में लगी हुई हैं, उस समय ये बिल प्रदेश सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि है।
राजस्थान सरकार की इस खुशी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि सरकार ने अब इस बिल को पूरे देश के लिए नजीर बताते हुए इसे लागू करने की बात अपने ट्विटर हैंडल में एक वीडियो जारी करके कही है। ट्विटर पर वीडियो देखने के बाद पूरे देश में राजस्थान में के इस कदम की सराहना हो रही है। अब सीएम गहलोत ने कहा है कि इसको पूरे देश को अपनाना चाहिए। उन्होंने इसको राजनीति से अलग रखते हुए अपील की है कि अन्य राज्यों को राजनीतिक विरोध से परे हर जिंदगी को बचाने के लिए इसे लागू करने पर विचार करना चाहिए।
राजस्थान बना देश का पहला #RightToHealth वाला प्रदेश…देखिये क्यों अपनाए इसे पूरा देश। pic.twitter.com/EPBbxA7HFD
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 4, 2023
उन्होंने जो वीडियो ट्वीट किया है उसके साथ संदेश में उन्होंने लिखा है कि राजस्थान बना देश का पहला ‘राइट टू हेल्थ’ वाला प्रदेश…देखिये क्यों अपनाए इसे पूरा देश। इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे समय पर इलाज न मिल पाने के कारण लोगों ने अपनों को खो दिया और पैसों के अभाव में किस तरह लोग लाचार नजर आए। इस ट्वीट को 3000 बार से ज्यादा रीट्वीट किया जा चुका है। लोग इस वीडियो का पसंद भी कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं।
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