Rajasthan: इस बार जेल जाने का लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ, गहलोत के मंत्री बोले- पार्टी के दम पर चुनाव नहीं लड़ता

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राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा।

राज्य मंत्री राजेंद्र गुढ़ा।
– फोटो : सोशल मीडिया

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राजेंद्र गुढ़ा ने अधिकारियों की एसीआर भरने से जुड़े मामले में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता का विकेंद्रीकरण होना चाहिए। मुख्यमंत्री के पास पावर है। मंत्री हो या विधायक एक कांस्टेबल तक का तबादला कराने के लिए सीएम कार्यालय के चक्कर ही लगाता है। 

बता दें कि राजेंद्र गुढ़ा समेत 6 बीएसपी विधायकों ने 2020 में  गहलोत गुट का साथ दिया था। जिससे गहलोत सरकार बच गयी थी, लेकिन अब बदले सियासी माहौल में राजेंद्र गुढ़ा सचिन पायलट की जमकर तारीफ करते हैं। वह उनके सीएम बनाए जाने का भी समर्थन करते हैं। राजेंद्र गुढ़ा का कहा है कि कांग्रेस ने जो वादे किए थे, वो नहीं निभाए हैं।

शुक्रवार को झुंझनूं के मून बाग में कर्मा सिटी क्रिकेट कप का फाइनल मुकाबले में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि मैं आज तक अपने दम पर चुनाव जीता हूं। इसके लिए मुझे किसी भी सियासी दल की जरूरत नहीं है।

मैं कभी भी हाथ और फूल के दम पर चुनाव नहीं लड़ता, क्योंकि मुझे कभी किसी की मेहरबानी की आवश्यकता नहीं पड़ी और ना ही है। मेरे काम की वजह से जनता साथ है और वो मेरे चेहरे पर वोट करती है। मेरे क्षेत्र की जनता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है, इसलिए मुझे किसी का डर नहीं लगता। 

राजेंद्र गुढ़ा ने आगे अपने जेल जाने भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पांच साल में एक बार जेल जाने का लाइसेंस बना हुआ है, इसलिए मैं पांच साल में एक बार जेल चला जाता हूं, लेकिन इस बार मेरा लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ है। वहीं, मीडिया से बात करते हुए राजेंद्र गुढ़ा ने फिर कहा कि सचिन पायलट को प्रदेश की कमान सौंपने जानी चाहिए। 

अब तक सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बना दिया जाना चाहिए था, लेकिन अब लेट हो गए, फिर भी अगर उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया जाता है तो सरकार रिपीट हो सकती है। ऐसा नहीं किया जाता है तो फिर चुनाव के बाद कांग्रेस के सभी विधायक एक फॉर्च्यूनर में आ जाएंगे और चारधाम की यात्रा पर निकल पड़ेंगे। 

विस्तार

राजेंद्र गुढ़ा ने अधिकारियों की एसीआर भरने से जुड़े मामले में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता का विकेंद्रीकरण होना चाहिए। मुख्यमंत्री के पास पावर है। मंत्री हो या विधायक एक कांस्टेबल तक का तबादला कराने के लिए सीएम कार्यालय के चक्कर ही लगाता है। 

बता दें कि राजेंद्र गुढ़ा समेत 6 बीएसपी विधायकों ने 2020 में  गहलोत गुट का साथ दिया था। जिससे गहलोत सरकार बच गयी थी, लेकिन अब बदले सियासी माहौल में राजेंद्र गुढ़ा सचिन पायलट की जमकर तारीफ करते हैं। वह उनके सीएम बनाए जाने का भी समर्थन करते हैं। राजेंद्र गुढ़ा का कहा है कि कांग्रेस ने जो वादे किए थे, वो नहीं निभाए हैं।

शुक्रवार को झुंझनूं के मून बाग में कर्मा सिटी क्रिकेट कप का फाइनल मुकाबले में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि मैं आज तक अपने दम पर चुनाव जीता हूं। इसके लिए मुझे किसी भी सियासी दल की जरूरत नहीं है।

मैं कभी भी हाथ और फूल के दम पर चुनाव नहीं लड़ता, क्योंकि मुझे कभी किसी की मेहरबानी की आवश्यकता नहीं पड़ी और ना ही है। मेरे काम की वजह से जनता साथ है और वो मेरे चेहरे पर वोट करती है। मेरे क्षेत्र की जनता ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है, इसलिए मुझे किसी का डर नहीं लगता। 

राजेंद्र गुढ़ा ने आगे अपने जेल जाने भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पांच साल में एक बार जेल जाने का लाइसेंस बना हुआ है, इसलिए मैं पांच साल में एक बार जेल चला जाता हूं, लेकिन इस बार मेरा लाइसेंस रिन्यू नहीं हुआ है। वहीं, मीडिया से बात करते हुए राजेंद्र गुढ़ा ने फिर कहा कि सचिन पायलट को प्रदेश की कमान सौंपने जानी चाहिए। 

अब तक सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बना दिया जाना चाहिए था, लेकिन अब लेट हो गए, फिर भी अगर उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया जाता है तो सरकार रिपीट हो सकती है। ऐसा नहीं किया जाता है तो फिर चुनाव के बाद कांग्रेस के सभी विधायक एक फॉर्च्यूनर में आ जाएंगे और चारधाम की यात्रा पर निकल पड़ेंगे। 

This News is Updated by Khabre Fatafat
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