Rajasthan News: अशोक गहलोत ने बताया कि छह महीने में क्यों टूट जाती हैं सड़कें, आप भी जान लीजिए

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों और इंजीनियरों के प्रति नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आजकल कई बड़े अफसर तो ठेकेदार के पार्टनर बन जाते हैं। ठेकेदार फिर क्वालिटी से समझौता करता है। बिजनेस पार्टनर से रिश्ते भी निभाता है। इस कारण सड़कों की क्वालिटी इतनी खराब बन जाती है कि छह महीने में ही टूट जाती हैं। समय के साथ बहुत बदलाव आया है, भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है। 

राजस्थान में 3,324 करोड़ रुपये की लागत से बनी 113 सड़कों के शिलान्यास और लोकार्पण के कार्यक्रम में गहलोत ने यह बातें कहीं। उन्होंने प्रदेश की बदहाल सड़कों और उनकी क्वालिटी को लेकर अधिकारियों और इंजीनियरों की क्लास लगा दी। वे बोले- सब कुछ मंजूर है, लेकिन सड़कों की क्वालिटी से समझौता मंजूर नहीं होगा। हम सड़कों को बनाने के बाद थर्ड पार्टी जांच भी करवा रहे हैं। सड़कों की क्वालिटी चीफ इंजीनियर पर निर्भर है। आप ठेकेदारों से दो टूक कह दीजिए कि क्वालिटी से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।

नीचे वाले नहीं माने जाएंगे जिम्मेदार
सीएम गहलोत ने कहा कि मैं दो-टूक कहना चाहता हूं कि मैं नीचे वालों को जिम्मेदार नहीं मानूंगा। जिम्मेदारी चीफ इंजीनियर की है। जो गड़बड़ी करते हैं, उन्हें आप एपीओ करें। खिंचाई करें , कुछ भी करें, लेकिन सड़कों की क्वालिटी से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।

जोधपुर की सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं 
सीएम गहलोत ने कहा कि मैं हाल ही में जोधपुर जाकर आया। जोधपुर की पूरी सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं। मुझे कहना पड़ा कि जिन अधिकारियों को यहां रहना है, उन्हें सड़कें ठीक करनी होगी, रिपेयर करनी होगी। यह बात सिर्फ जोधपुर की नहीं है, यह हालात सब शहरों, गांवों के बने हैं। जो जिस पद पर बैठा है, वह इमानदारी से ड्यूटी निभा ले तो जनता की तकलीफ दूर हो जाएगी।

ठेकेदार नहीं करता सड़कों को रिपेयर
सीएम गहलोत ने कहा कि ठेकेदार जब टेंडर लेता है तो उस सड़क की मेंटेनेंस की जिम्मेदारी उसकी होती है। एग्रीमेंट कर लिया, पाबंद कर दिया, बाद में आप उसे देखते ही नहीं हैं। ठेकेदार जान-बूझकर उस सड़क को रिपेयर नहीं करता है। जनता में मैसेज गलत जाता है। हमारी लापरवाही से जनता को तकलीफ होती है। ठेकेदार को पाबंद किया है और टेंडर एग्रीमेंट में है कि सड़क की रिपेयर की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। फिर मॉनिटरिंग का काम कौन करेगा? अफसर अपने दिल से पूछकर काम करें कि वे पोस्ट पर बैठे हैं तो जनता की तकलीफ का ध्यान रखें।

गुजरात से अच्छी सड़कें हैं राजस्थान की
सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान में 20 साल में सड़कों में अच्छा काम हुआ है। राजस्थान की सड़कें अब गुजरात से अच्छी हो गई हैं। पहले कहा जाता था कि आप गुजरात से आ रहे हैं और झटकों से नींद खुल जाए तो समझो कि राजस्थान आ गया। अब गुजरात के लोग उल्टी बात कहने लग गए हैं। अब लोग कहते हैं राजस्थान से यात्रा करते वक्त झटकों से नींद खुल जाए तो समझो गुजरात आ गया।

सड़कें अच्छी होंगी, तभी निवेश आएगा
सीएम गहलोत ने कहा कि सड़कें सरकार की टॉप प्रायोरिटी है। सड़कों के मामले में राजस्थान अव्वल बने, यह सरकार चाहती है। जब सड़कें अच्छी होंगी तो ही प्रदेश में निवेश आएगा, विकास होगा। सीएम गहलोत ने कहा कि अक्टूबर में जो इन्वेस्टमेंट समिट हो रहा है, उसके लिए 11 लाख करोड़ रुपये के एमओयू अब तक हो चुके हैं।  

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राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों और इंजीनियरों के प्रति नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि आजकल कई बड़े अफसर तो ठेकेदार के पार्टनर बन जाते हैं। ठेकेदार फिर क्वालिटी से समझौता करता है। बिजनेस पार्टनर से रिश्ते भी निभाता है। इस कारण सड़कों की क्वालिटी इतनी खराब बन जाती है कि छह महीने में ही टूट जाती हैं। समय के साथ बहुत बदलाव आया है, भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है। 

राजस्थान में 3,324 करोड़ रुपये की लागत से बनी 113 सड़कों के शिलान्यास और लोकार्पण के कार्यक्रम में गहलोत ने यह बातें कहीं। उन्होंने प्रदेश की बदहाल सड़कों और उनकी क्वालिटी को लेकर अधिकारियों और इंजीनियरों की क्लास लगा दी। वे बोले- सब कुछ मंजूर है, लेकिन सड़कों की क्वालिटी से समझौता मंजूर नहीं होगा। हम सड़कों को बनाने के बाद थर्ड पार्टी जांच भी करवा रहे हैं। सड़कों की क्वालिटी चीफ इंजीनियर पर निर्भर है। आप ठेकेदारों से दो टूक कह दीजिए कि क्वालिटी से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।

नीचे वाले नहीं माने जाएंगे जिम्मेदार

सीएम गहलोत ने कहा कि मैं दो-टूक कहना चाहता हूं कि मैं नीचे वालों को जिम्मेदार नहीं मानूंगा। जिम्मेदारी चीफ इंजीनियर की है। जो गड़बड़ी करते हैं, उन्हें आप एपीओ करें। खिंचाई करें , कुछ भी करें, लेकिन सड़कों की क्वालिटी से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।

जोधपुर की सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं 

सीएम गहलोत ने कहा कि मैं हाल ही में जोधपुर जाकर आया। जोधपुर की पूरी सड़कें बर्बाद हो चुकी हैं। मुझे कहना पड़ा कि जिन अधिकारियों को यहां रहना है, उन्हें सड़कें ठीक करनी होगी, रिपेयर करनी होगी। यह बात सिर्फ जोधपुर की नहीं है, यह हालात सब शहरों, गांवों के बने हैं। जो जिस पद पर बैठा है, वह इमानदारी से ड्यूटी निभा ले तो जनता की तकलीफ दूर हो जाएगी।

ठेकेदार नहीं करता सड़कों को रिपेयर

सीएम गहलोत ने कहा कि ठेकेदार जब टेंडर लेता है तो उस सड़क की मेंटेनेंस की जिम्मेदारी उसकी होती है। एग्रीमेंट कर लिया, पाबंद कर दिया, बाद में आप उसे देखते ही नहीं हैं। ठेकेदार जान-बूझकर उस सड़क को रिपेयर नहीं करता है। जनता में मैसेज गलत जाता है। हमारी लापरवाही से जनता को तकलीफ होती है। ठेकेदार को पाबंद किया है और टेंडर एग्रीमेंट में है कि सड़क की रिपेयर की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। फिर मॉनिटरिंग का काम कौन करेगा? अफसर अपने दिल से पूछकर काम करें कि वे पोस्ट पर बैठे हैं तो जनता की तकलीफ का ध्यान रखें।

गुजरात से अच्छी सड़कें हैं राजस्थान की

सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान में 20 साल में सड़कों में अच्छा काम हुआ है। राजस्थान की सड़कें अब गुजरात से अच्छी हो गई हैं। पहले कहा जाता था कि आप गुजरात से आ रहे हैं और झटकों से नींद खुल जाए तो समझो कि राजस्थान आ गया। अब गुजरात के लोग उल्टी बात कहने लग गए हैं। अब लोग कहते हैं राजस्थान से यात्रा करते वक्त झटकों से नींद खुल जाए तो समझो गुजरात आ गया।

सड़कें अच्छी होंगी, तभी निवेश आएगा

सीएम गहलोत ने कहा कि सड़कें सरकार की टॉप प्रायोरिटी है। सड़कों के मामले में राजस्थान अव्वल बने, यह सरकार चाहती है। जब सड़कें अच्छी होंगी तो ही प्रदेश में निवेश आएगा, विकास होगा। सीएम गहलोत ने कहा कि अक्टूबर में जो इन्वेस्टमेंट समिट हो रहा है, उसके लिए 11 लाख करोड़ रुपये के एमओयू अब तक हो चुके हैं।  

This News is Updated by Khabre Fatafat
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